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गरीबों के जीवन से जुड़े मुद्दों पर चुनाव में चर्चा नहीं होती - राजगोपाल पी.व्ही


गरीबों के जीवन से जुड़े मुद्दों पर चुनाव में चर्चा नहीं होती - राजगोपाल पी.व्ही प्रयोग आश्रम तिल्दा जिला रायपुर, द्वारा आयोजित Skill building training में छत्तीसगढ़ के 18 जिलों के चुने हुए एकता परिषद विधानसभा सभा प्रतिनिधियों ने भाग लिया । बैठक में छत्तीसगढ़ के कई राजनीतिक दल, स्वयं सेवी संगठन, जनसंगठनों, तथा समाज सेवियों ने भाग लिया। इस अवसर पर एकता परिषद के संस्थापक श्री राजगोपाल जी, एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रन सिंह परमार, राष्ट्रीय संयोजक श्री रमेश शर्मा उपस्थिति थे। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री चरण दास महंत, जनक राम वर्मा विधायक, श्री शिव लहरिया विधायक, श्री पूनिया जी राज्य प्रभारी कांग्रेस, श्री वीरेश ठाकुर, श्री अटल श्रीवास्तव, श्री अनिल अग्रवाल, श्री राम दलाली, श्री विद्याभूषण जी , श्री राजकमल सिंघानिया पूर्व विधायक,उपस्थित हुए । इस अवसर पर बोलते हुए एकता परिषद के संस्थापक श्री राजागोपाल जी ने कहा कि गरीबों के जीवन से जुड़े मुद्दों पर चुनाव में चर्चा नहीं होती इसलिए जरूरत के मुद्दों पर कोई चर्चा न होने से गरीबों के मुददे छूट जाते है । पलायन, बिस्थापन, नशा ,शोषण, भूमि अधिकार , वन भूमि अधिकार , आदि मुद्दे है इन तमाम समस्याओं को लेकर इनके हल के लिए अभियान की जरूरत है । 2007 के जनादेश आंदोलन, 2012 के जन सत्याग्रह के तहत जो समझौते हुए थे उन पर अभी तक सरकार ने कोई उचित कदम नहीं उठाए हंै, इसलिए जन आंदोलन 2018 अवश्यम्भावी हो गया है । जल, जंगल और जमीन के मुद्दों पर सरकार काम करना उचित नहीं समझती । छत्तीसगढ़ सरकार ने इन मुद्दों पर बात करना भी उचित नही समझा । छत्तीसगढ़ की सरकार ने जल जंगल जमीन के मुद्दों पर कोई बात नहीं की । ये सरकार यदि आदिवासियों, दलितों तथा गरीबों के लिए काम नहीं करेगी तो संगठित होकर सरकार को आयना दिखाने की जरूरत है । दिल्ली में जो सरकार के साथ जो समझौता हुआ उस पर काम करने की जरूरत है । श्री पूनिया जी ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि आपने पदयात्राओं, संघर्षो के माध्यम से गरीबों के हित में जो कानून बनवाया वह सराहनीय काम था। मैं अपने आपको बहुत सौभाग्यशाली मानता हूं कि मैं आपके बीच आ सका। वास्तव में आप सही मायने में समाज की सेवा में लगे है यह तभी सम्भव हो पा रहा है जब आप बड़े पैमाने पर नेतृत्व पैदा कर रहे है यह सराहनीय है। राजा जी ने कार्यकर्ताओं की जो फौज खड़ी की है इससे अनुकूल बदलाव अवश्य होगा। सामुदायिक वनभूमि का अधिकार भी छत्तीसगढ़ में नही मिला। सरकार ने आम जन के कल्याण के काम नही किये हैं यह अन्याय है । आज देश में धर्म, जाति के नाम पर जो वैमनष्यता फैलाई जा रही है यह दुर्भाग्य पूर्ण है । इसलिये अब समय आ गया है कि हम सकारत्मक पहल करें और अपनी सरकार बनाएं । देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे जिम्मेदार लोग झूंठ बोल कर जो वैमनष्यता फैलाने का काम कर रहे हैं यह बात देश के नौजवानों को समझने की जरूरत है । आगे आने वाले चुनाव में अभी से लोग मान रहे है कि पैसा पानी की तरह बहाया जाएगा इसलिए अब समय आ गया है कि जमीनी कार्य कर्ताओं को तैयार किया जाएगा । With regards Rabindra Saxena Janadolan 2018 Information Coordination Center Gwalior 



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