Search

मध्य प्रदेश सर्वोदय मंडल द्वारा कस्तूरबा गाँधी (बा) के 149 वे जन्मदिन पर कार्यक्रम का आयोजन


सुबह 9 बजे गाँधी भवन मे प्रारंभ हुआ | इस कार्यक्रम मे विशिष्ट अथिथियों के साथ गाँधीवादी, जनसाधारण, विद्यालयों के बच्चे व् युवकों ने भाग लिया | खचा-खच भरे हाल मे कार्यक्रम का प्रारंभ प्रदेश की एडिशनल पुलिस महानिर्देशक अनुराधा शंकर सिंह के सरल व ओजस्वी उद्बोधन से हुआ जिनने बा के जन्मदिन पर उनके व्यक्तित्व के विषय मे सबके सामने रोचक बाते बताई |

सबने मिलकर प्राथना किया, मध्यप्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष संतोष सिंह द्विवेदी जी ने कस्तूरबा के संगर्ष के विषय मे बताते हुए कहा की स्वयं के विश्वास और निर्णय के लिए संगर्ष एक बात हैं पर दुसरे के यानी अपने पति मोहनदास के निर्णय व विश्वास के लिए संगर्ष की राह पर चलना बा के व्यक्तित्व की विशेषता दर्शाता हैं | जिल बहन उपस्थित बच्चों से गाँधी की जनम तिथि व पुण्य थिति पूछी सभी बच्चो को उत्तर ज्ञात था पर जब उन्होंने बा की जनम तिथि पूछी तो सभी मोन हो गए | तब उन्होंने कहा की जिस स्त्री का अपना व्यक्तित्व इतना मज़बूत हैं, वह जिसका योगदान हमारे स्वतंत्रता संग्राम मे महत्वपूर्ण हैं, उसके प्रति हम सब की उदासीनता को दूर करके बा को उचित सम्मान दिलाने का यह दिन हमारा प्रयास है |

गाँधी भवन के सचिव श्री दयाराम नामदेव जी अपने उद्बोधन मे कहा की व्यक्ति अपने आचरण से महान बनता हैं | बा का करम, व्ताक्तित्व व आचरण उन्हें महान व्यक्ति की श्रेणी मे खड़ा करता हैं वह हमारी आज की पीड़ी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हो सकता हैं | यदि आज की बाल पीड़ी शुरू से ही बा के मज़बूत चरित्र के बारे मे संस्कार गत जाने व प्रेरणा ले तो यकीनन मानवीय समाज की रचना होगी | उन्होंने मध्य प्रदेश के युवाओं का आहान करते हुए कहा की यदि 150 गाँव से 150 युवा भी गाँधी जी व बा के आदर्शों का निस्वार्थ पालन करे तो समाज सकारात्मक बनेगा |

अंतिम वक्तव्य कर्णाटक से आई सुधा बहन कि | उन्होंने इस आयोजन को नूतन व नया प्रारंभ बताया और आशा की कि ऐसे आयोजन अन्य स्थानों पर गाँधी भवन मे आयोजित हो जिससे बा के जीवन से सबका परिचय हो व सब प्रेरणा ले |

कार्यक्रम मे आगे अंश हैप्पीनेस सोसाइटी के युवाओं द्वारा ‘एक यात्रा बा के घर की’ नाटक प्रस्तुत किया जिसे कंचन बिस्वास ने लिखा हैं | चुस्त पटकथा व मधुर संगीत के बीच बा के जीवन की कुछ घटनाओं व बापू के समक्ष उनके स्वतंत्र व्यक्तिव को दर्शाता यह नाटक सबने सराहा | इस नाटक के कलाकार चारिका, साहिल, नीरू, इम्तियाज़, संकित, हर्षिता, शिवम्, कंचन, गौरवी, दीपक, विशाल, शुभम, शोएब, सौरभ और आयुषी थे |

अंत मे बच्चो के लिए पेंटिंग व लिटरेरी एक्टिविटी का आयोजन किया गया जिसमे डेल्ही पब्लिक स्कूल, एकजुट स्कूल और प्रताप नगर से आये बच्चो ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया |

इस कार्यक्रम का कोआर्डिनेशन सागरिका, दिव्यांशु, हेमंत और कनिका द्वारा किया गया जिन्हें सतीश राज आचार्य ने सहयोग व मार्गदर्शन दिया


Write to Us:

Advisory Committee: Yves Berthelot (France),  PV Rajagopal (India), Vandana Shiva (India), Oliver de Schutter (Belgium), Mazide N’Diaye (Senegal), Gabriela Monteiro (Brazil), Irakli Kakabadze (Georgia), Anne Pearson (Canada), Liz Theoharis (USA), Sulak Sivaraksa (Thailand), Jagat Basnet (Nepal), Miloon Kothari (India),  Irene Santiago (Philippines), Arsen Kharatyan (Armenia), Margrit Hugentobler (Switzerland), Jill Carr-Harris (Canada/India), Reva Joshee (Canada), Sonia Deotto (Mexico/Italy),Benjamin Joyeux (Geneva/France), Aneesh Thillenkery, Ramesh Sharma, Ran Singh (India)