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सुन्दर समाज के लिए महिलाओं का ससक्त होना आवश्यक - जिल बहन


200 महिलाओ ने लिया भाग महिला स्वाविमान सम्मेलन का हुआ आयोजन

जौरा, 6 फरवरी 2018


अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज महात्मा गांधी सेवा आश्रम जौरा में महिला स्वाविमान सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें जौरा के आस-पास के गाॅव की 200 महिलाओं ने भाग लिया सम्मेलन का आयोजन एकता महिला मंच और एकता परिषद के सयुक्त तत्वाधान में किया गया । सम्मेलन का सुभारम्भ महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी के चित्र पर माल्याअर्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया ।

सम्मेलन में नगर पंचायत अध्यक्ष और कार्यक्रम की मुख्य अतिथी श्रीमती उषा सुनील सिंघल ने महिलाओ को संबोधित करते हुऐ कहा कि महिलाओ को एकजुट होकर आगें आने का समय आ गया है, हमें पर्दाप्रथा एवं ऊच नीच का भेदभाव छोडकर आगे बढना होगा तथा पुरानी मानसिकता और पुरानी सोच को बदलना होगा जब तक महिलाऐ पुरानी सोच और मान्यताओ पर चलती रहेगंी तब तक उनका ससक्तीकरण असम्भव है इसलिऐ महिला ससक्तीकरण के लिऐ आवश्यक है आर्थिक रूप से स्वावलम्बी होना आज हर क्षेत्र में महिलाऐ पुरूषो के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर आंगे बढ रही है। इसलिऐ आप सबसे भी अनुरोध है कि शिक्षित व एकजुट होकर हर क्षेत्र में आगें बढ शासन द्वारा चलाई जा रही महिला ससक्तीकरण की योजनाओ का लाभ ले एवं अपनी अन्य बहनो को भी इसका लाभ दिलायें।

कार्यक्रम में भोपाल मध्यप्रदेश से आयी खादी संस्था की सुश्री उमंग श्रीधर ने महिलाओ को सम्बोधित करते हुऐ कहा कि आप सभी महिलाओ को एकजुट देखकर हमें शक्ती प्राप्त होती है आपका जो संगठन है वह अन्य महिलाओ के लिए उदाहरण है। खादी के काम पर चर्चा करते हुए उन्होने कहा कि गांधी आश्रम के माध्यम से चरखा द्वारा सूत कताई प्रशिक्षण समय-समय पर महिलाओ को दिया जाता है यह महिलाओ के आर्थिक स्वावलम्बन के लिए अच्छा कदम है आज खादी के धागे की पूरी दुनिया में मांग है अतः खादी के काम से जुडकर जीवन में आर्थिक मजबूती लाई जा सकती है।

कार्यक्रम में दिव्यांग एवं विधवा महिलाओ के लिए पेंशन की लडाई लड रहें जौरा के पूर्व विधायक एवं समाज सेवी श्री महेशदत्त मिश्र ने कहा कि हम इन दिव्यांग एवं विधवा महिलाओ की लडाई लम्बे समय से प्रसाशन के साथ लड रहें है कुछ मामलो में सफलता प्राप्त हुई परन्तू अभी भी क्षेत्र में दिव्यांग एवं विधवा महिलाओ की पेंशन के कई मामले है जिनको लेकर आंगे आने वाले समय में गांधीवादी तरीखे से संघर्ष करने की आवश्यकता है जब तक सभी दिव्यांगो और विधवा महिलाओ को उनका हक नही मिल जाता हमारी लडाई जारी रहेगीं।

कार्यक्रम के अन्त में एकता महिला मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती जिल बहन ने महिलाओ को संबोधित करते हुऐ कहा कि अगर हमे ंएक सुन्दर समाज की रचना करना है तो सबसे पहले गाॅव में रहने वाली महिलाओ को सशक्त करना होगा आज देश और दुनिया के सभी क्षेत्रो में महिलाओ ने आंगे आकर जिम्मेदारी संभाली है आज ऐसा कोई क्षेत्र नही है जिसमें महिलाओ की भागीदारी न हो जौरा के आस-पास के गाॅव में भी महिलाऐं गांधी आश्रम के सहयोग से महिला स्वंय सहायता समूह बनाकर मधुमक्खी पालन से रोजगार प्राप्त कर रही है कई महिलाऐं समूहो से लोन प्राप्त कर अपने बच्चो को शहर मे शिक्षा मे दिलवा रही है यह सब उदाहरण महिलाओ के आंगे बढने के है ऐसे और भी कई उदाहरण है जिसमें महिलाओ ने छोटे-छोटे प्रयास कर आत्मनिर्भर बनने की सफल कोशिश की है। अतः मेरा आपसे निवेदन है कि एकजुट होकर सभी महिलाओ को आंगे बढना है जिससे एक सुन्दर समाज का निर्माण कर सके।

कार्यक्रम का संचालन कल्पना बहन ने किया कार्यक्रम को सफल बनाने में गांधी आश्रम के लक्ष्मीनारायण शर्मा, श्री खोले जी, श्री मुनेश ,दीपेश जैन, नरेश अर्गल ,वीरेन्द्र , हरीओम, आदि का सहयोग रहा ।


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